फुटबॉल की दुनिया में लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के प्रशंसकों के बीच मुकाबला मैदान तक ही सीमित नहीं रहता। सोशल मीडिया पर भी दोनों खिलाड़ियों के समर्थक एक-दूसरे पर तंज कसने का कोई मौका नहीं छोड़ते। इस बीच लियोनेल मेसी की जर्सी पहने एक प्रशंसक का वीडियो चर्चा में है। वीडियो में व्यक्ति ने चोरों जैसा काला मास्क पहन रखा है और उसके हाथ में फीफा वर्ल्ड कप जैसी ट्रॉफी दिखाई दे रही है। इस अनोखे अंदाज को अर्जेंटीना की 2022 विश्व कप जीत पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।
वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति अर्जेंटीना की नीली और सफेद जर्सी पहने नजर आता है। जर्सी पर मेसी का मशहूर नंबर 10 दिखाई देता है। इसके साथ उसने आंखों पर चोरों जैसा मास्क लगाया हुआ है और हाथ में विश्व कप ट्रॉफी की प्रतिकृति लेकर कैमरे के सामने पोज देता नजर आता है। इस पूरे अंदाज के जरिए अर्जेंटीना की विश्व कप जीत को लेकर सोशल मीडिया पर लंबे समय से चल रहे मजाक और आरोपों पर निशाना साधा गया है।
दरअसल, फुटबॉल प्रशंसकों के बीच अर्जेंटीना की 2022 विश्व कप जीत को लेकर एक बहस काफी समय से चलती रही है। कुछ विरोधी समर्थक आरोप लगाते रहे हैं कि कतर में हुए टूर्नामेंट के दौरान अर्जेंटीना को कई अहम पेनल्टी मिलीं, जिससे मेसी की टीम को फायदा हुआ। इसी वजह से सोशल मीडिया पर विरोधी समर्थक कई बार अर्जेंटीना की जीत को ‘स्टोलन वर्ल्ड कप’ यानी चोरी किया हुआ विश्व कप कहकर मजाक उड़ाते हैं। वायरल वीडियो में चोर का भेष और मेसी की जर्सी इसी तंज को दर्शाते हैं।
2022 फीफा विश्व कप में अर्जेंटीना की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया था। 18 दिसंबर 2022 को कतर के लुसैल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना का सामना फ्रांस से हुआ था। यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और निर्धारित समय तथा अतिरिक्त समय के बाद स्कोर 3-3 से बराबर था। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना ने फ्रांस को 4-2 से हराकर तीसरी बार विश्व कप ट्रॉफी जीती थी। इससे पहले अर्जेंटीना ने 1978 और 1986 में विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था।
इस विवाद की सबसे बड़ी वजह टूर्नामेंट के दौरान अर्जेंटीना को मिली पेनल्टी भी रही। फीफा के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कतर विश्व कप में अर्जेंटीना को कुल पांच पेनल्टी मिली थीं। एक विश्व कप संस्करण में किसी एक टीम को मिली पेनल्टी का यह रिकॉर्ड था। लियोनेल मेसी ने इन पांच पेनल्टी में से चार को गोल में बदला था, जबकि पोलैंड के खिलाफ उनकी एक पेनल्टी को गोलकीपर वोज्शिएख शेज्नी ने रोक दिया था। शूटआउट में मेसी ने दो और पेनल्टी गोल किए थे।
हालांकि, किसी टीम को अधिक पेनल्टी मिलना अपने आप में मैच फिक्सिंग या रेफरी की पक्षपातपूर्ण भूमिका का सबूत नहीं है। पेनल्टी का फैसला मैदान पर हुई घटना, रेफरी के निर्णय और जरूरत पड़ने पर वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा के आधार पर किया जाता है। अर्जेंटीना की जीत को चोरी का खिताब बताने वाले दावे मुख्य रूप से प्रतिद्वंद्वी प्रशंसकों की सोशल मीडिया बहस का हिस्सा हैं। केवल पेनल्टी के आंकड़ों के आधार पर यह साबित नहीं होता कि अर्जेंटीना को विश्व कप जिताने के लिए मुकाबलों के नतीजे प्रभावित किए गए थे।
इस वीडियो की चर्चा के बीच अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) से जुड़ी वित्तीय जांचों का मामला भी अलग से सुर्खियों में रहा है। दिसंबर 2025 में अर्जेंटीना की पुलिस ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी से जुड़े मामले में AFA के मुख्यालय और कई फुटबॉल क्लबों पर छापेमारी की थी। अक्टूबर 2026 में अर्जेंटीना के प्रमुख समाचार संस्थान ला नासियोन ने भी AFA के शीर्ष अधिकारियों से जुड़ी अर्जेंटीना और अमेरिका में चल रही कई न्यायिक जांचों की जानकारी प्रकाशित की। हालांकि, ये अलग कानूनी मामले हैं। इन जांचों को 2022 विश्व कप के फाइनल में रेफरी के फैसलों या अर्जेंटीना की खिताबी जीत में कथित गड़बड़ी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
वर्ल्ड कप ट्रॉफी को लेकर भी एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। फीफा की मौजूदा व्यवस्था के तहत असली विश्व कप ट्रॉफी का स्वामित्व फीफा के पास रहता है। विजेता टीम को फाइनल के बाद आधिकारिक समारोह में असली ट्रॉफी उठाने का मौका मिलता है, लेकिन बाद में उसे अपने पास रखने के लिए सोने की परत चढ़ी एक आधिकारिक प्रतिकृति दी जाती है। इसलिए वायरल वीडियो में दिखाई गई ट्रॉफी को असली फीफा ट्रॉफी की चोरी से जोड़ना सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी में ऐसी किसी वास्तविक चोरी की घटना की पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल मेसी की जर्सी पहने चोर के भेष वाले प्रशंसक का वीडियो फुटबॉल प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो ने एक बार फिर 2022 विश्व कप की पेनल्टी, रेफरी के फैसलों और अर्जेंटीना की ऐतिहासिक जीत को लेकर पुरानी बहस को सोशल मीडिया पर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, वीडियो को वास्तविक चोरी की घटना या विश्व कप जीत में किसी गड़बड़ी का सबूत मानने की कोई वजह नहीं है। यह मुख्य रूप से फुटबॉल प्रशंसकों के बीच चलने वाले प्रतिद्वंद्विता भरे मजाक और कटाक्ष का हिस्सा है।
