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संजय गुप्ता के निधन से बॉलीवुड में शोक, अमिताभ बच्चन ने भावुक होकर कहा- कला की दुनिया के हमारे प्यारे साथी हमसे छीने जा रहे हैं

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संजय गुप्ता के निधन से बॉलीवुड में शोक, अमिताभ बच्चन ने भावुक होकर कहा- कला की दुनिया के हमारे प्यारे साथी हमसे छीने जा रहे हैं

बॉलीवुड के जाने-माने फिल्ममेकर संजय गुप्ता के अचानक निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। ‘कांटे’, ‘शूटआउट एट वडाला’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाने वाले संजय गुप्ता का 31 अक्टूबर 2026 को मुंबई में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद से ही फिल्म जगत के कई कलाकार और उनके करीबी उन्हें याद कर रहे हैं। अब महानायक अमिताभ बच्चन ने भी अपने पुराने साथी को भावुक श्रद्धांजलि दी है। अमिताभ और संजय गुप्ता ने साल 2002 की फिल्म ‘कांटे’ में साथ काम किया था। इस फिल्म का निर्देशन संजय गुप्ता ने किया था और अमिताभ बच्चन इसके प्रमुख कलाकारों में शामिल थे।

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग पर संजय गुप्ता को याद करते हुए दुख जाहिर किया। उन्होंने लिखा कि कला के प्रति समर्पित एक दोस्त और साथी कलाकार का इतनी कम उम्र में दुनिया से चले जाना बेहद पीड़ादायक है। अमिताभ ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि कला की दुनिया के उनके प्यारे साथी उनसे लगातार बिछड़ते जा रहे हैं। अभिनेता के इस भावुक संदेश से साफ है कि संजय गुप्ता के निधन ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी गहरा दुख पहुंचाया है। दोनों के बीच फिल्म ‘कांटे’ के दौरान बना पेशेवर रिश्ता और आपसी जुड़ाव इस श्रद्धांजलि में दिखाई देता है।

संजय गुप्ता का निधन 30 अक्टूबर की देर रात मुंबई के वर्सोवा स्थित उनके आवास पर हुए एक हादसे के बाद हुआ। शुरुआती पुलिस जानकारी के मुताबिक, वह रात में घर के अंदर अचानक संतुलन खोकर गिर गए थे। इस दौरान उनके सिर में गंभीर चोट लगी और काफी खून बहने की वजह से उनकी हालत बिगड़ गई। रात के समय उनकी पत्नी, बच्चे और घर में काम करने वाला घरेलू सहायक सो रहे थे। ऐसे में घटना की जानकारी परिवार को सुबह हुई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

मुंबई पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है। पुलिस की शुरुआती जांच में घर के अंदर गिरने से सिर में चोट लगने की बात सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, परिवार ने घटना को लेकर किसी तरह का संदेह या शिकायत जाहिर नहीं की है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और हादसे की परिस्थितियों को समझने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसलिए फिलहाल इसे शुरुआती जांच में दुर्घटना माना जा रहा है, अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

संजय गुप्ता के निधन की खबर से उनके साथ काम कर चुके कलाकार भी सदमे में हैं। अभिनेता संजय दत्त ने भी अपने पुराने दोस्त को याद करते हुए भावुक संदेश साझा किया। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया था और उनके बीच लंबे समय से दोस्ती रही थी। संजय दत्त ने अपने संदेश में बताया कि उनकी और संजय गुप्ता की हाल ही में ‘कांटे 2’ को लेकर बातचीत हुई थी। उन्होंने इस फिल्म को अपने दोस्त के सपने के रूप में आगे बढ़ाने और उनकी याद में उसे पूरा करने की इच्छा भी जाहिर की। यह बात फिल्म इंडस्ट्री में दोनों के रिश्ते की गहराई को दिखाती है।

ऐसा रहा संजय गुप्ता का फिल्मी सफर

संजय गुप्ता हिंदी सिनेमा में खास तौर पर क्राइम, गैंगस्टर ड्रामा और एक्शन फिल्मों के लिए पहचाने जाते थे। उनका जन्म मुंबई में हुआ था। फिल्म इंडस्ट्री में उनका सफर पर्दे के पीछे से शुरू हुआ। उन्होंने शुरुआत में निर्देशक पंकज पराशर के साथ टेलीविजन सीरियल ‘करमचंद’ और फिल्म ‘जलवा’ से जुड़े काम किए। इसके बाद उन्होंने राज सिप्पी के साथ भी कई फिल्मों में काम किया। धीरे-धीरे उन्होंने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा और अपनी अलग सिनेमाई शैली विकसित की।

साल 1994 में आई फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से उन्होंने बतौर निर्देशक हिंदी सिनेमा में अपनी शुरुआत की। इस फिल्म में संजय दत्त, आदित्य पंचोली और रवीना टंडन जैसे कलाकार नजर आए थे। इसके बाद ‘राम शास्त्र’, ‘हमेशा’, ‘जंग’ और ‘खौफ’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने एक्शन और अपराध की कहानियों पर अपनी पकड़ मजबूत की। हालांकि, साल 2002 में रिलीज हुई ‘कांटे’ उनके करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो गई। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, कुमार गौरव और लकी अली जैसे कलाकार थे। फिल्म की कहानी, एक्शन और अलग अंदाज ने दर्शकों के बीच इसे खास पहचान दिलाई।

‘कांटे’ के बाद संजय गुप्ता ने ‘मुसाफिर’ और ‘जिंदा’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। ‘जिंदा’ में जॉन अब्राहम प्रमुख भूमिका में थे। इसके अलावा उन्होंने ‘शूटआउट एट वडाला’ का निर्देशन किया, जिसमें जॉन अब्राहम ने गैंगस्टर मान्या सुर्वे का किरदार निभाया था। वहीं, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ में उन्होंने निर्माता और पटकथा लेखक के रूप में काम किया था। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया था और इसमें अमिताभ बच्चन, संजय दत्त तथा विवेक ओबेरॉय जैसे कलाकार नजर आए थे।

संजय गुप्ता ने केवल गैंगस्टर फिल्मों तक ही खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने ऐश्वर्या राय बच्चन अभिनीत ‘जज्बा’, ऋतिक रोशन और यामी गौतम की ‘काबिल’ और जॉन अब्राहम तथा इमरान हाशमी की ‘मुंबई सागा’ जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया। हाल के वर्षों में उन्होंने ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ का निर्देशन किया और ‘विस्फोट’ के निर्माण से भी जुड़े रहे। उनकी फिल्मों में अपराध की दुनिया, बदले की कहानी, तेज रफ्तार एक्शन और प्रभावशाली किरदारों की खास जगह रही। व्हाइट फेदर फिल्म्स के जरिए उन्होंने निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई।

संजय गुप्ता के निधन से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने ऐसे फिल्ममेकर को खो दिया है, जिन्होंने एक्शन और क्राइम सिनेमा को अपनी अलग शैली दी। अमिताभ बच्चन की श्रद्धांजलि और संजय दत्त का ‘कांटे 2’ को लेकर किया गया वादा इस बात की याद दिलाता है कि उनका जुड़ाव सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं था। उनके निर्देशन में बनी फिल्में और कलाकारों के साथ उनके रिश्ते लंबे समय तक उन्हें हिंदी सिनेमा में यादगार बनाए रखेंगे।

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