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नागपुर में 18 साल से फरार आरोपी समेत दो गिरफ्तार, वाडी पुलिस के मामलों में थे वांछित

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नागपुर में 18 साल से फरार आरोपी समेत दो गिरफ्तार, वाडी पुलिस के मामलों में थे वांछित

नागपुर में अपराध शाखा की वाहन चोरी विरोधी टीम ने फरार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी पिछले 18 वर्षों से पुलिस और न्यायालय की कार्रवाई से बच रहा था। पुलिस ने उसे वाडी के कंट्रोल वाडी इलाके से पकड़ा, जबकि दूसरे आरोपी को बाजारगांव क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। दोनों वाडी पुलिस थाने में दर्ज अलग-अलग मामलों में वांछित थे। नागपुर शहर पुलिस की 15 अक्टूबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वाडी पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, वाहन चोरी विरोधी दस्ते के अधिकारी और कर्मचारी नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान पुलिस के विश्वसनीय मुखबिरों से दोनों आरोपियों के ठिकानों के बारे में जानकारी मिली। सूचना की पुष्टि और संबंधित इलाकों में तलाश करने के बाद टीम ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। इस अभियान में लंबे समय से फरार आरोपी को पकड़ने के साथ वर्ष 2015 के एक मामले में वांछित आरोपी को भी हिरासत में लिया गया।

18 साल से फरार भोला मधुकर सोनावणे कंट्रोल वाडी से गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, पहली कार्रवाई में भोला मधुकर सोनावणे (57) को गिरफ्तार किया गया। वह नागपुर के वाडी क्षेत्र स्थित आंबेडकर नगर का निवासी है। वाहन चोरी विरोधी टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वाडी पुलिस थाने में दर्ज एक मामले का फरार आरोपी इलाके में आया हुआ है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने कंट्रोल वाडी क्षेत्र में तलाश शुरू की। संदिग्ध व्यक्ति को रोककर उसकी पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसके बाद उसकी पहचान भोला सोनावणे के रूप में हुई।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, भोला सोनावणे वाडी पुलिस थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 2070/2008 में भारतीय दंड संहिता की धारा 341 के तहत वांछित था। यह धारा गलत तरीके से किसी व्यक्ति का रास्ता रोकने से संबंधित है। पुलिस का कहना है कि संबंधित मामले के बाद आरोपी अपनी पहचान और ठिकाना छिपाकर रह रहा था तथा न्यायालय के समक्ष पेश नहीं हुआ था। उसे न्यायालय ने फरार घोषित किया था। पुलिस के अनुसार, वह पिछले 18 वर्षों से इस मामले में फरार चल रहा था। उसे गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई के लिए वाडी पुलिस को सौंप दिया गया है।

बाजारगांव से पकड़ा गया 2015 के मामले का आरोपी

दूसरी कार्रवाई 15 अक्टूबर को शाम करीब चार बजे की गई। पुलिस के वाहन चोरी विरोधी दस्ते के कर्मचारी वाडी पुलिस थाने की सीमा में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से जानकारी मिली कि वाडी थाने में दर्ज एक अन्य मामले का वांछित आरोपी प्रवीण बारंगे बाजारगांव क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने वहां तलाश शुरू की।

पुलिस के अनुसार, बाजारगांव में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस को देखकर वह भागने लगा, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ और रिकॉर्ड की जांच में उसकी पहचान प्रवीण रामचंद्र बारंगे (40), निवासी वेणा नगर, वाडी, नागपुर के रूप में हुई। वह वाडी पुलिस थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 340/2015 में वांछित था। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 279 के तहत दर्ज था, जो सार्वजनिक रास्ते पर लापरवाही या तेज एवं खतरनाक तरीके से वाहन चलाने से संबंधित है।

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में भी आरोपी के न्यायालय में पेश नहीं होने और लंबे समय तक फरार रहने के कारण उसे फरार घोषित किया गया था। गिरफ्तारी के बाद प्रवीण बारंगे को वाडी पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई संबंधित पुलिस थाने की ओर से की जा रही है।

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी नागपुर शहर पुलिस की उस कार्रवाई का हिस्सा है, जिसके तहत पुराने मामलों में फरार आरोपियों का पता लगाकर उन्हें कानून के सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे मामलों में आरोपी की पहचान, पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, संभावित ठिकानों और मुखबिरों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर तलाश की जाती है। इस प्रकरण में पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर मिली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

नागपुर शहर पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील, सह पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी, अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस निरीक्षक पप्पू कादरी, पुलिस हवलदार रोशन तिवारी, विलास कोकाटे और राहुल कुसरामे सहित संबंधित टीम के सदस्यों ने अभियान में भूमिका निभाई। पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है।

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