बिहार के गया में पुलिस प्रशासन ने पुलिसकर्मियों के अनुशासन और आपसी समन्वय को बेहतर बनाए रखने के लिए परेड का पूर्वाभ्यास कराया। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह पुलिस केंद्र, गया में आयोजित इस अभ्यास का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) ने किया। यह कार्यक्रम गया के वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के निर्देश पर आयोजित किया गया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे पुलिसकर्मियों ने परेड में हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान जवानों ने अनुशासन और समन्वय के साथ निर्धारित गतिविधियों को पूरा किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। हालांकि, उपलब्ध पोस्ट में इन निर्देशों के विस्तृत बिंदुओं का उल्लेख नहीं किया गया है।
पुलिस व्यवस्था में परेड का क्या महत्व है?
पुलिस परेड केवल एक औपचारिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह पुलिस बल में अनुशासन, एकरूपता, सामूहिक तालमेल और आदेशों के पालन की प्रक्रिया को मजबूत करने का माध्यम भी है। ऐसे अभ्यासों के दौरान पुलिसकर्मियों को निर्धारित निर्देशों के अनुरूप एक साथ काम करने और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन करने का अभ्यास मिलता है। नियमित प्रशिक्षण पुलिस बल की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित बनाए रखने में भी सहायक हो सकता है।
परेड का अभ्यास पुलिस बल की औपचारिक जिम्मेदारियों और विभिन्न सार्वजनिक आयोजनों के दौरान आवश्यक समन्वय के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, गया पुलिस केंद्र में आयोजित इस विशेष रिहर्सल को किसी खास आयोजन, सुरक्षा अभियान या अन्य घटना से जोड़ने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
गया जिले की पुलिस व्यवस्था का नेतृत्व फिलहाल वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार कर रहे हैं। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उन्हें SSP, Gaya के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। बुधवार को हुए परेड पूर्वाभ्यास से जुड़ी जानकारी पुलिसकर्मियों के नियमित अभ्यास और प्रशासनिक निर्देशों के पालन पर केंद्रित है।
फिलहाल, इस रिहर्सल के संबंध में उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष अभियान की घोषणा, नई व्यवस्था लागू करने या किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख नहीं है। इसलिए कार्यक्रम को पुलिस केंद्र में आयोजित परेड अभ्यास के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
