महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर में मंगलवार सुबह एक पांच मंजिला इमारत के दो स्लैब गिरने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना कैंप नंबर 3 की पंजाबी कॉलोनी स्थित शिवगंगा पार्क इमारत में हुई। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना के बाद पुलिस, दमकल विभाग और नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। एहतियात के तौर पर इमारत को खाली कराकर सील कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 9 बजे इमारत की पांचवीं मंजिल का स्लैब चौथी मंजिल पर गिर गया। इसके बाद चौथी मंजिल का स्लैब भी टूटकर तीसरी मंजिल पर जा गिरा। लगातार दो स्लैब गिरने से इमारत में रहने वाले लोगों के बीच दहशत फैल गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए तुरंत बाहर निकल आए।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने इमारत में मौजूद लोगों को बाहर निकाला और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की। एहतियात के तौर पर इमारत को सील कर दिया गया, ताकि किसी अन्य दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस इमारत में 33 फ्लैट हैं और यहां रहने वाले 100 से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया। स्लैब गिरने से इमारत को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, हादसे के समय किसी के घायल होने या जान जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन की ओर से इमारत की संरचनात्मक स्थिति का आकलन करने के लिए जांच की जा रही है। इसकी सुरक्षा को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा। फिलहाल इमारत को सील किए जाने के बाद निवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
उल्हासनगर में इस घटना ने पुरानी इमारतों की सुरक्षा और नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट की जरूरत पर फिर से सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इमारतों की समय-समय पर तकनीकी जांच और जरूरी मरम्मत से ऐसे हादसों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
