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असम: नगांव के धिंग पुलिस थाने में मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर दिया एकता का संदेश

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असम: नगांव के धिंग पुलिस थाने में मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर दिया एकता का संदेश

असम के नगांव जिले में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर धिंग पुलिस थाने में कार्यक्रम आयोजित किया गया। शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को देशभर में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। इसी कड़ी में नगांव जिले के धिंग पुलिस थाने में भी इस महत्वपूर्ण दिवस का आयोजन किया गया। इस दिन का उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव के प्रति लोगों को जागरूक करना और सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद करना है।

राष्ट्रीय एकता दिवस भारत के उन ऐतिहासिक अवसरों में शामिल है, जो देश की एकजुटता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश देते हैं। धिंग पुलिस थाने में इस अवसर पर हुए आयोजन की जानकारी स्थानीय वीडियो रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है। यह कार्यक्रम सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया।

क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस?

भारत में प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस यानी राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) मनाया जाता है। यह दिन देश के पहले उप प्रधानमंत्री और तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को समर्पित है। उनका जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। देश की आजादी के आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता के बाद भारत के राजनीतिक एकीकरण तक उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।

सरदार पटेल को लौह पुरुष के नाम से भी जाना जाता है। स्वतंत्रता के समय भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक देशी रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करना था। उस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में सैकड़ों रियासतें मौजूद थीं। सरदार पटेल ने अपनी राजनीतिक समझ, कूटनीति और मजबूत नेतृत्व के माध्यम से इन रियासतों को भारत के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों ने स्वतंत्र भारत की भौगोलिक और प्रशासनिक एकता की नींव मजबूत करने में योगदान दिया।

उनके इसी ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने और देश की एकता तथा अखंडता के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। इसके बाद से हर साल देशभर में इस अवसर पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

देशभर में आयोजित होते हैं कई कार्यक्रम

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर सरकारी कार्यालयों, पुलिस विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न संगठनों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें राष्ट्रीय एकता की शपथ, रन फॉर यूनिटी, मार्च पास्ट और जागरूकता गतिविधियां प्रमुख होती हैं। इन आयोजनों में समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया जाता है।

रन फॉर यूनिटी यानी एकता दौड़ का आयोजन भी इस दिवस की प्रमुख गतिविधियों में शामिल है। इसके माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझाने का प्रयास किया जाता है। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की भागीदारी इन कार्यक्रमों को विशेष महत्व देती है।

राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश

भारत जैसे विविधताओं वाले देश में राष्ट्रीय एकता का महत्व और भी बढ़ जाता है। यहां अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां, परंपराएं और समुदाय एक साथ रहते हैं। ऐसी स्थिति में आपसी सम्मान, भाईचारा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता देश को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राष्ट्रीय एकता दिवस नागरिकों को इसी साझा जिम्मेदारी की याद दिलाता है।

नगांव जिले के धिंग पुलिस थाने में आयोजित कार्यक्रम भी इसी राष्ट्रीय भावना से जुड़ा है। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर देशभर के साथ असम में भी राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाना इस बात को रेखांकित करता है कि राष्ट्र की मजबूती केवल सरकारी व्यवस्थाओं से नहीं, बल्कि नागरिकों की एकजुटता, आपसी विश्वास और सामूहिक प्रयासों से भी बनती है।

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर सरदार पटेल के विचारों और उनके राष्ट्र निर्माण संबंधी योगदान को याद करना आज भी प्रासंगिक है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि मजबूत नेतृत्व, दूरदर्शिता और एकता की भावना के साथ बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।

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