दिवाली की खरीदारी अगर किसी के जीवन में आत्मनिर्भरता की नई रोशनी जला सके, तो त्योहार की खुशियां और भी खास हो जाती हैं। दिल्ली में इसी सोच के साथ ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन की ओर से ‘दीपावली बाजार 2026’ शुरू किया गया है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई दिल्ली स्थित एसोसिएशन परिसर में इस सात दिवसीय बाजार का उद्घाटन किया। इस बार बाजार में 250 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां दृष्टिबाधित कारीगरों और युवाओं के हाथों से तैयार सजावटी और उपयोगी सामान बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
इस बाजार की खास बात केवल यहां मिलने वाले उत्पाद नहीं हैं, बल्कि उन लोगों का हुनर भी है, जो अपनी मेहनत और रचनात्मकता से इन्हें तैयार करते हैं। बाजार के माध्यम से दृष्टिबाधित लोगों को अपने बनाए सामान को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। इससे उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी मदद मिलती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बाजार का भ्रमण किया, विभिन्न स्टॉलों पर उपलब्ध उत्पाद देखे और खरीदारी भी की। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे इस दिवाली बाजार में पहुंचें और यहां बने उत्पाद खरीदकर कारीगरों का उत्साह बढ़ाएं।
45 साल से चली आ रही है दिवाली बाजार की परंपरा
ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन का यह दिवाली बाजार दिल्ली की पुरानी त्योहार परंपराओं में शामिल है। संस्था पिछले करीब 45 वर्षों से दिवाली के अवसर पर इस बाजार का आयोजन करती आ रही है। हर साल इसका उद्देश्य दृष्टिबाधित लोगों को अपने हुनर के प्रदर्शन और उत्पादों की बिक्री के लिए एक बेहतर मंच उपलब्ध कराना रहा है। इस बार 250 से अधिक स्टॉल के साथ बाजार का आयोजन किया गया है, जिसमें हाथों से तैयार किए गए सजावटी और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले सामान रखे गए हैं।
ऐसे आयोजनों की जरूरत इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी व्यक्ति को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केवल प्रशिक्षण देना पर्याप्त नहीं होता। उसके बनाए उत्पादों के लिए बाजार, ग्राहक और नियमित बिक्री के अवसर भी जरूरी होते हैं। दिवाली बाजार इसी अंतर को कम करने का प्रयास करता है। यहां आने वाले लोग अपनी त्योहार से जुड़ी जरूरतों की खरीदारी करने के साथ ऐसे कारीगरों के काम को भी प्रोत्साहित कर सकते हैं, जिन्हें सामान्य बाजार में अपने उत्पादों की पहुंच बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस पहल को दृष्टिबाधित नागरिकों की प्रतिभा और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने वाला प्रयास बताया। उनका कहना था कि शारीरिक चुनौतियां किसी व्यक्ति की प्रतिभा, क्षमता और सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। दृष्टिबाधित नागरिकों में भी हुनर, रचनात्मकता और खुद के दम पर आगे बढ़ने की पूरी क्षमता है। समाज की जिम्मेदारी है कि उनके काम को पहचाने, उन्हें अवसर दे और उनके बनाए उत्पादों को खरीदकर आर्थिक सशक्तीकरण में योगदान करे।
बाजार की कमाई से बच्चों की पढ़ाई और व्यावसायिक प्रशिक्षण में मिलेगी मदद
इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य दृष्टिबाधित बच्चों और युवाओं की शिक्षा तथा कौशल विकास के लिए संसाधन जुटाना भी है। बाजार से होने वाली आय का इस्तेमाल संस्था की ओर से दृष्टिबाधित बच्चों और युवाओं को मुफ्त शिक्षा देने और उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में किया जाएगा। इससे उन्हें पढ़ाई के साथ भविष्य में रोजगार हासिल करने और अपने पैरों पर खड़े होने के लिए जरूरी कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने भी अपने संदेश में इस पहल का समर्थन करते हुए दिल्लीवासियों से 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक बाजार में आने और खरीदारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान की गई खरीदारी किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में आत्मनिर्भरता का उजाला ला सकती है। उनका संदेश साफ है कि दृष्टिबाधित लोगों को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि उनके हुनर के अनुरूप अवसर और समाज का सक्रिय सहयोग मिलना चाहिए।
दृष्टिबाधित युवा चला रहे हैं ‘कैफे मस्त’, मुख्यमंत्री ने किया भोजन
दिवाली बाजार के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संस्था के दृष्टिबाधित युवाओं की ओर से संचालित ‘कैफे मस्त’ का भी दौरा किया और वहां भोजन किया। इस कैफे की विशेषता यह है कि इसका संचालन संस्था के मल्टी-स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम से जुड़े युवा करते हैं। वे केवल एक तय काम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भोजन तैयार करने, ग्राहकों को परोसने और भुगतान से जुड़े लेन-देन जैसी जिम्मेदारियां भी खुद संभालते हैं।
यह कैफे प्रशिक्षण को वास्तविक काम से जोड़ने का उदाहरण है। यहां युवाओं को व्यावहारिक अनुभव मिलता है, जिससे उनमें कार्यकुशलता और आत्मविश्वास विकसित होता है। ग्राहक सेवा, भोजन तैयार करना और लेन-देन संभालना जैसे काम उन्हें रोजगार की दुनिया के लिए तैयार करने में मदद करते हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं के प्रयासों की सराहना की और उनके काम को प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी में दिव्यांगजनों के लिए बुनियादी ढांचे को अधिक सुगम और सुलभ बनाने तथा उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री जनसेवा सदन के लिए जरूरी सजावटी और उपयोगी सामान भी इसी बाजार से खरीदने की बात कही। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को संस्थागत खरीद का अवसर मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
कब और कहां तक चलेगा दिल्ली का दिवाली बाजार 2026?
ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन का दीपावली बाजार 30 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। यह बाजार नई दिल्ली में लाल बहादुर शास्त्री मार्ग स्थित ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन के परिसर में लगाया गया है। बाजार आने वाले लोगों के लिए समय सुबह 10:30 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित है। यहां पहुंचने के लिए जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन नजदीकी मेट्रो स्टेशन है।
दिवाली के अवसर पर दिल्ली में खरीदारी के कई विकल्प मौजूद हैं, लेकिन यह बाजार अपनी सामाजिक उपयोगिता के कारण अलग पहचान रखता है। यहां खरीदे गए हस्तनिर्मित उत्पाद दृष्टिबाधित कारीगरों की मेहनत को पहचान दिलाने के साथ उनकी आर्थिक भागीदारी को भी बढ़ावा देते हैं। साथ ही इससे मिलने वाली आय बच्चों और युवाओं की शिक्षा तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण में काम आएगी। ऐसे में इस बार दिवाली बाजार केवल त्योहार की खरीदारी का स्थान नहीं, बल्कि हुनर, सम्मान और आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आया है।
