बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भावुक संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके प्रति आभार जताया है। शाहनवाज हुसैन के बेटे अरबाज हुसैन का निकाह 25 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुआ था। उमा भारती इस समारोह में शामिल नहीं हो सकीं और उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इसका अफसोस जाहिर किया। इसके जवाब में शाहनवाज हुसैन ने कहा कि निकाह में उनकी कमी बहुत खली, लेकिन उन्हें भरोसा था कि दीदी का आशीर्वाद हमेशा परिवार के साथ रहेगा।
शाहनवाज हुसैन ने अपने संदेश में लिखा, “अरबाज और अफशां के निकाह में आपकी कमी बहुत खली, लेकिन विश्वास था कि दीदी का आशीर्वाद सदैव हमारे साथ है। अरबाज का पहला जन्मदिन भी आपने अपने घर पर मनाया था, जिसकी याद आज भी दिल में बसी है।” उनके इस जवाब में उमा भारती के साथ लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक रिश्ते और आपसी स्नेह की झलक दिखाई दी।
दरअसल, उमा भारती ने अरबाज की शादी में शामिल नहीं हो पाने को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त की थीं। उन्होंने शाहनवाज हुसैन के साथ अपने करीब 32 साल पुराने संबंधों को याद करते हुए बताया कि उनका रिश्ता केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समय के साथ पारिवारिक जुड़ाव में भी बदल गया। उमा भारती ने शाहनवाज हुसैन को अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि उनके बेटे के निकाह में शामिल होना उनके लिए खास मायने रखता था। समारोह में नहीं पहुंच पाने का उन्हें लंबे समय तक अफसोस रहेगा।
उमा भारती के मुताबिक, शाहनवाज हुसैन जब बेटे अरबाज के विवाह का निमंत्रण देने वृंदावन पहुंचे थे, तब उन्हें अपने पुराने दिनों की कई बातें याद आईं। उन्होंने बताया कि शाहनवाज के साथ उनका परिचय और जुड़ाव तीन दशक से अधिक पुराना है। उस दौर में दोनों भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चे की राजनीति से जुड़े थे। उमा भारती ने शाहनवाज के शुरुआती राजनीतिक सफर और उनके परिवार से जुड़े कई पुराने प्रसंग भी साझा किए।
उमा भारती ने अपनी पोस्ट में शाहनवाज हुसैन और उनकी पत्नी रेणु शर्मा के रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि शाहनवाज ने उन्हें रेणु के बारे में सबसे पहले बताया था और उन्होंने दोनों को अपने-अपने धर्म का सम्मान करते हुए विवाह करने की सलाह दी थी। बाद में दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। उमा भारती के अनुसार, जब अरबाज का जन्म हुआ था, तब उनके निवास पर भी खुशी का माहौल बना था और युवा मोर्चे के कई सदस्यों ने इस खुशी में हिस्सा लिया था।
इसी पुराने जुड़ाव को याद करते हुए उमा भारती ने कहा कि अरबाज का पहला जन्मदिन उनके घर पर मनाया गया था। अब उसी बच्चे के निकाह के अवसर पर शामिल नहीं हो पाना उनके लिए भावुक कर देने वाला अनुभव रहा। उन्होंने नवदंपती अरबाज और अफशां के साथ-साथ शाहनवाज हुसैन और रेणु शर्मा के लिए भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने वृंदावन में बांके बिहारी जी से पूरे परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करने की बात कही।
शाहनवाज हुसैन ने अपने जवाब में उमा भारती के स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद को अपने जीवन की अनमोल पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि जब उमा भारती दिल्ली आएंगी, तो वह चाहेंगे कि वे घर आकर अरबाज और अफशां को आशीर्वाद दें। उन्होंने यह भी कहा कि वह दोनों को अपनी दीदी के साथ कहीं ले जाएंगे और उनकी ओर से भोजन करवाएंगे। शाहनवाज ने उमा भारती को केवल अपनी दीदी ही नहीं, बल्कि अभिभावक भी बताया और उनके स्नेह व आशीर्वाद को हमेशा बनाए रखने की कामना की।
अरबाज हुसैन और अफशां खान का निकाह 25 अक्टूबर को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित पीएसओआई क्लब में हुआ था। अफशां हरियाणा के जगाधरी से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकरम खान की बेटी हैं। निकाह के अगले दिन आयोजित रिसेप्शन में विभिन्न राजनीतिक दलों के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इस बीच उमा भारती और शाहनवाज हुसैन के संदेशों ने शादी से जुड़ी खबर को एक अलग भावनात्मक पहलू दिया है। दोनों नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि उनका रिश्ता वर्षों पुराने विश्वास, स्नेह और पारिवारिक जुड़ाव पर आधारित है।
