उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर कानपुर के बिठूर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 411.77 करोड़ रुपये से अधिक की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदेश में विकास और जनकल्याण के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि आज यूपी के हर गांव और शहर में खुशहाली का माहौल है। उनके मुताबिक, चारों ओर उल्लास, उमंग और उत्साह दिखाई देना ही रामराज्य की भावना को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री का बिठूर दौरा धार्मिक और विकास, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना की और रामायण पाठ में हिस्सा लिया। इसके बाद नाना राव पेशवा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सुविधाओं का विस्तार करना और लोगों को विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
बिल्हौर और बिठूर में 48 परियोजनाओं पर खर्च होंगे 411 करोड़ रुपये से अधिक
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों की कुल 48 विकास परियोजनाएं शामिल रहीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इनमें 29 परियोजनाओं का लोकार्पण और 19 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत 411.77 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। लोकार्पण का मतलब उन कार्यों का उद्घाटन करना है जो पूरे हो चुके हैं, जबकि शिलान्यास उन परियोजनाओं की शुरुआत का प्रतीक है जिनका निर्माण आगे किया जाना है।
इन परियोजनाओं से जुड़े कार्यों का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि निर्माण समय पर पूरा हो, सुविधाओं का सही रखरखाव हो और आम लोगों तक उनका फायदा पहुंचे। इसलिए विकास कार्यों की संख्या और उनकी लागत के साथ-साथ उनका समयबद्ध क्रियान्वयन भी अहम है। कार्यक्रम में लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र दिए जाने से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी ध्यान गया। हालांकि, सभी 48 परियोजनाओं का विस्तृत कार्यवार ब्योरा और प्रत्येक परियोजना से सीधे लाभान्वित होने वाले लोगों की संख्या अलग-अलग उपलब्ध होने पर ही उनके प्रभाव का आकलन किया जा सकता है।
वर्ष 2030-31 तक 500 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यूनिट की स्थापना के लक्ष्य को पूरा करने के लिए… pic.twitter.com/xvgDpu4LHb
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 26, 2026
योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में विकास को केवल बड़ी परियोजनाओं तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने जनसुविधाओं में सुधार, निवेश को बढ़ावा देने और नवाचार के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने की बात भी कही। उनके अनुसार, प्रदेश की विकास यात्रा में एक तरफ सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेना जरूरी है, तो दूसरी तरफ आधुनिक तकनीक, शिक्षा और निवेश के जरिए भविष्य की संभावनाएं बढ़ाना भी आवश्यक है।
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सामाजिक समरसता का संदेश
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि की विरासत और रामायण की शिक्षाओं का भी उल्लेख किया। महर्षि वाल्मीकि को परंपरागत रूप से आदिकवि कहा जाता है और रामायण को भारतीय साहित्य तथा सांस्कृतिक परंपरा की महत्वपूर्ण रचना माना जाता है। इस अवसर पर भगवान श्रीराम के आदर्शों, सामाजिक समानता और आपसी सम्मान की भावना पर जोर दिया गया।
योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम और निषादराज गुह की मित्रता का उदाहरण देते हुए सामाजिक समरसता का संदेश दिया। इस प्रसंग को सामाजिक पहचान से ऊपर उठकर सम्मान और आत्मीयता के भाव के तौर पर प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि समाज में वास्तविक समरसता के लिए लोगों के मन से ऊंच-नीच और भेदभाव की भावना समाप्त होनी चाहिए। युवाओं से भी अपील की गई कि वे जाति, वर्ग या सामाजिक पहचान के आधार पर किसी के साथ भेदभाव न करें।
यह संदेश ऐसे समय में दिया गया जब प्रदेश में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ विकास और सामाजिक समावेश को लेकर सरकार अपनी प्राथमिकताओं को सामने रख रही है। हालांकि, सामाजिक समरसता का लक्ष्य केवल संदेशों तक सीमित नहीं रह सकता। इसके लिए शिक्षा, रोजगार, सरकारी सेवाओं तक समान पहुंच और वंचित समुदायों के अधिकारों को व्यवहार में सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।
लखनऊ में निवेश और तकनीक पर भी सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की विकास नीति में निवेश और तकनीकी नवाचार को भी अहम बताया। इसी संदर्भ में लखनऊ में आयोजित होने वाले जीसीसी इनोवेशन समिट 2026 का उल्लेख किया गया। जीसीसी यानी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर ऐसी इकाइयां होती हैं जिनके माध्यम से कंपनियां तकनीकी, वित्तीय, अनुसंधान और अन्य विशेषज्ञ सेवाओं से जुड़े काम संचालित करती हैं। ऐसे केंद्रों के विकास से कुशल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना रहती है, हालांकि वास्तविक लाभ निवेश, परियोजनाओं के क्रियान्वयन और उपलब्ध नौकरियों पर निर्भर करता है।
योगी आदित्यनाथ ने पहले के वर्षों की तुलना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब निवेश, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित हुई हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को तकनीक और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के प्रमुख केंद्रों में शामिल करना है। इस दिशा में निवेश आकर्षित करना, उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाना और युवाओं को उपयोगी कौशल उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण रहेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक संबोधन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने पिछली सरकारों के दौरान अयोध्या में विकास, बुनियादी सुविधाओं और निवेश की स्थिति पर सवाल उठाए तथा मौजूदा सरकार के कामकाज को बेहतर बताया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी राजनीतिक हमला किया। विपक्ष को लेकर मुख्यमंत्री के ये बयान उनके राजनीतिक आरोप हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया को अलग-अलग देखना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोगों को संरक्षण देने से गरीबों और वंचित वर्गों के अधिकार प्रभावित होते हैं। इन आरोपों को मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए। किसी व्यक्ति की नागरिकता, मतदाता सूची में नाम या सरकारी योजनाओं के लाभ से संबंधित निष्कर्ष संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और सक्षम अधिकारियों की जांच के आधार पर ही निकाले जा सकते हैं।
कुल मिलाकर, महर्षि वाल्मीकि जयंती पर बिठूर में योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में धार्मिक विरासत, सामाजिक समरसता, विकास परियोजनाओं और प्रदेश की आर्थिक दिशा से जुड़े मुद्दे सामने आए। बिल्हौर और बिठूर के लिए 411.77 करोड़ रुपये से अधिक की 48 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा रहा। अब इन परियोजनाओं का महत्व इस बात से तय होगा कि वे कब तक पूरी होती हैं और स्थानीय लोगों को सड़क, बुनियादी सुविधाओं, सरकारी सेवाओं तथा रोजगार के अवसरों के रूप में कितना ठोस लाभ मिलता है।
