लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के धौरहरा कस्बे में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत विवाह समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम से जुड़ी सामने आई जानकारी के अनुसार, इसमें 115 जोड़ों के परिणय सूत्र में बंधने की बात कही गई है। आयोजन धौरहरा के राजकीय इंटर कॉलेज में प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में ईसानगर क्षेत्र के जोड़ों को भी शामिल किया जाना था।
यह आयोजन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के विवाह में सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही राज्य सरकार की योजना के तहत हुआ। सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र परिवारों को विवाह संबंधी खर्च का बोझ कम करने में मदद मिलती है। हालांकि, धौरहरा में वास्तव में कितने जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, इस संबंध में सामने आए आंकड़ों में अंतर है। इसलिए अंतिम संख्या की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से होना जरूरी है।
115 और 149 जोड़ों के आंकड़े में अंतर
धौरहरा में आयोजित कार्यक्रम को लेकर एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। कार्यक्रम से पहले 10 अक्टूबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट में 27 अक्टूबर को राजकीय इंटर कॉलेज, धौरहरा में 149 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराए जाने की जानकारी दी गई थी। इसमें ईसानगर के जोड़ों को भी शामिल किए जाने की बात कही गई थी। वहीं, 27 अक्टूबर को सामने आए वीडियो के शीर्षक में 115 जोड़ों के परिणय सूत्र में बंधने का उल्लेख है।
इस तरह, आयोजन से पहले बताई गई संख्या और कार्यक्रम के बाद सामने आए वीडियो के आंकड़े में अंतर दिखाई देता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि 149 जोड़ों का आंकड़ा पंजीकरण या प्रस्तावित लक्ष्य से संबंधित था अथवा आयोजन के दिन विवाह करने वाले जोड़ों की अंतिम संख्या कितनी रही। इस अंतर को देखते हुए जिला प्रशासन या समाज कल्याण विभाग की पुष्टि के बिना किसी एक संख्या को अंतिम आधिकारिक आंकड़ा मानना उचित नहीं होगा।
सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में पंजीकरण कराने वाले सभी जोड़ों का समारोह में शामिल होना जरूरी नहीं होता। दस्तावेजों की जांच, पात्रता सत्यापन और अन्य प्रशासनिक कारणों से अंतिम संख्या में बदलाव हो सकता है। हालांकि, धौरहरा के इस विशेष आयोजन में संख्या का अंतर किस वजह से रहा, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
क्या है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना?
उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता देना है। योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों के विवाह सामूहिक समारोहों में सामाजिक, धार्मिक और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराए जाते हैं। इसके दायरे में पात्र विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्विवाह के लिए भी सहायता का प्रावधान है।
इस व्यवस्था से परिवारों को विवाह के दौरान होने वाले खर्च को संभालने में मदद मिलती है। साथ ही, एक ही स्थान पर कई विवाह आयोजित किए जाने से प्रशासन को व्यवस्थाएं करने और योजना के लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने में सुविधा होती है। योजना का उद्देश्य विभिन्न समुदायों के बीच सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना भी है।
उत्तर प्रदेश सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट दस्तावेज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत विवाह सहायता राशि को 51,000 रुपये से बढ़ाकर 1.01 लाख रुपये करने का उल्लेख किया गया है। योजना की सहायता राशि, उसके वितरण और पात्रता से संबंधित वास्तविक लाभ नवीन सरकारी निर्देशों तथा संबंधित विभाग द्वारा किए जाने वाले सत्यापन के अनुसार निर्धारित होते हैं।
पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होता है। संबंधित परिवार की निवास स्थिति, आय, विवाह योग्य आयु और जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाती है। आवेदन तथा सत्यापन की प्रक्रिया समाज कल्याण विभाग और संबंधित स्थानीय निकायों के माध्यम से पूरी की जाती है। केवल पंजीकरण कराने से लाभ की गारंटी नहीं होती, बल्कि आवेदक का पात्र पाया जाना भी आवश्यक है।
योजना के बारे में जानकारी लेने या आवेदन करने के इच्छुक परिवार उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना पोर्टल cmsvy.upsdc.gov.in पर उपलब्ध दिशा-निर्देश देख सकते हैं। आवेदन करने से पहले संबंधित जिले के समाज कल्याण विभाग से पात्रता, जरूरी दस्तावेजों और लागू सहायता राशि की जानकारी प्राप्त करना उचित है।
धौरहरा का यह आयोजन जिले में अक्टूबर महीने के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे सामूहिक विवाह कार्यक्रमों की कड़ी का हिस्सा था। इस तरह के आयोजनों से जरूरतमंद परिवारों को विवाह संबंधी आर्थिक सहायता मिलती है और नवदंपतियों को नए जीवन की शुरुआत करने में सहयोग मिलता है। हालांकि, धौरहरा समारोह में 115 जोड़ों के विवाह और पहले घोषित 149 जोड़ों के आंकड़े के बीच अंतर को स्पष्ट करने के लिए अंतिम आधिकारिक विवरण का सामने आना जरूरी है।
