आंध्र प्रदेश के तिरुपति में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने तिरुचानूर स्थित श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर पहुंचकर देवी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने पर पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और मंगल वाद्ययंत्रों के बीच उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस दौरान राज्य सरकार, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मंदिर में उपराष्ट्रपति का स्वागत आंध्र प्रदेश के राजस्व मंत्री अनगानी सत्यप्रसाद, टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी मुद्धादा रविचंद्र, संयुक्त कार्यकारी अधिकारी डॉ. ए. शरथ और विधायक पुलिवर्थी नानी सहित अन्य अधिकारियों ने किया। इसके बाद मंदिर की परंपराओं के अनुसार उपराष्ट्रपति ने ध्वजस्तंभ के दर्शन किए और देवी श्री पद्मावती अम्मावरी के समक्ष पूजा-अर्चना की।
दर्शन के बाद उन्हें मंदिर परिसर स्थित आशीर्वाद मंडपम ले जाया गया। यहां टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी मुद्धादा रविचंद्र ने उपराष्ट्रपति को देवी पद्मावती की तस्वीर और तीर्थ-प्रसाद भेंट किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर की धार्मिक परंपराओं का पालन किया गया। मंदिर प्रशासन के अधिकारियों, पुजारियों और पुलिस अधिकारियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
इस अवसर पर टीटीडी बोर्ड के सदस्य राममूर्ति और डॉलर दिवाकर रेड्डी, मुख्य सतर्कता एवं सुरक्षा अधिकारी के.वी. मुरलीकृष्ण, जिला कलेक्टर वेंकटेश्वर, जिला पुलिस अधीक्षक एल. सुब्बारायुडु और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। उपराष्ट्रपति की यात्रा को देखते हुए प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
तिरुचानूर के पद्मावती मंदिर का क्या है धार्मिक महत्व?
तिरुचानूर का श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर आंध्र प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यह मंदिर तिरुपति के निकट स्थित है और देवी पद्मावती को भगवान वेंकटेश्वर की अर्धांगिनी के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी पद्मावती को महालक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। इसी वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
तिरुमला में भगवान श्री वेंकटेश्वर के दर्शन करने आने वाले अनेक श्रद्धालु तिरुचानूर स्थित देवी पद्मावती के मंदिर में भी दर्शन करते हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार, कई श्रद्धालु भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन से पहले देवी पद्मावती का आशीर्वाद लेना शुभ मानते हैं। मंदिर की पहचान इसकी धार्मिक परंपराओं, नियमित पूजा-पद्धति और वर्षभर आयोजित होने वाले उत्सवों से भी जुड़ी हुई है।
मंदिर का प्रबंधन तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के अंतर्गत आता है, जो तिरुमला और तिरुपति क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों तथा धार्मिक गतिविधियों की देखरेख करता है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष पर्वों और वार्षिक धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर में भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है।
दो दिवसीय आंध्र प्रदेश दौरे पर हैं उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का आंध्र प्रदेश दौरा 26 और 27 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित था। इस दौरे के दौरान उन्होंने तिरुमला स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भी दर्शन किए। इसके अगले दिन उन्होंने तिरुचानूर के श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
उपराष्ट्रपति के मंदिर दर्शन के दौरान राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और टीटीडी अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम के आधिकारिक महत्व को भी रेखांकित किया। मंदिर में दर्शन, पारंपरिक स्वागत और प्रसाद भेंट करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका कार्यक्रम आगे बढ़ा।
तिरुपति और तिरुमला क्षेत्र देशभर के श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र हैं। ऐसे में उपराष्ट्रपति का यह दौरा आंध्र प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा रहा।
