मध्य प्रदेश के इंदौर में दशहरे की तैयारियों के बीच एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने आयोजन से जुड़े लोगों की परेशानी बढ़ा दी। शहर की इंद्रपुरी कॉलोनी में विजयादशमी से ठीक एक दिन पहले रावण का विशाल पुतला अचानक आग की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि पुतले की आंखों में लगी लाइट की टेस्टिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते करीब 10 दिन की मेहनत से तैयार किया गया पूरा पुतला जलकर राख हो गया। घटना के दौरान पुतले में लगे पटाखे भी फूटने लगे। पटाखों की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और मौके पर हलचल मच गई।
यह घटना सोमवार, 19 अक्टूबर की रात की बताई जा रही है। इंद्रपुरी कॉलोनी में मंगलवार, 20 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित होना था। पुतला जल जाने के कारण आयोजकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती तय समय पर कार्यक्रम कराने की थी। हालांकि, उन्होंने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करने की कोशिश शुरू कर दी, ताकि वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार दशहरे का आयोजन किया जा सके।
आंखों की लाइट की टेस्टिंग के दौरान हुआ हादसा
रिपोर्टों के मुताबिक, इंद्रपुरी कॉलोनी में रावण दहन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। पुतले को मैदान में स्थापित कर दिया गया था और कार्यक्रम से पहले उसकी लाइटों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान रावण की आंखों में लगी रोशनी की टेस्टिंग करते समय कथित तौर पर शॉर्ट सर्किट हो गया। इसके बाद पुतले में आग लग गई और कुछ ही देर में लपटों ने पूरे ढांचे को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने और पुतले को बचाने का मौका नहीं मिल पाया।
पुतले में आग लगने के बाद उसमें लगाए गए पटाखे भी अचानक फूटने लगे। तेज आवाज से आसपास के इलाकों में लोगों का ध्यान इस ओर गया। जब लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो रावण का पुतला आग की लपटों से घिरा हुआ था। कुछ ही समय में वह पूरी तरह जल गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुतले को आग की चपेट में देखा जा सकता है। शुरुआती रिपोर्टों में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह बताया गया है। हालांकि, घटना के कारण की किसी विस्तृत आधिकारिक जांच का निष्कर्ष सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है।
करीब 10 दिन की मेहनत पर फिरा पानी
इस रावण के पुतले को तैयार करने में कारीगरों ने करीब 10 दिन तक मेहनत की थी। दशहरे के दिन होने वाले दहन के लिए पुतले को आकर्षक बनाने के साथ उसमें रोशनी और पटाखों की भी व्यवस्था की गई थी। लेकिन कार्यक्रम से ठीक पहले हुए हादसे ने पूरी तैयारी को प्रभावित कर दिया। इतने कम समय में दूसरा पुतला तैयार करना आसान नहीं था, इसलिए आयोजकों को तुरंत कोई विकल्प तलाशना पड़ा।
इंद्रपुरी कॉलोनी में भाजपा विधायक मधु वर्मा के मार्गदर्शन में 32वें विशाल रावण दहन कार्यक्रम की तैयारी की जा रही थी। ऐसे में पुतले का जल जाना आयोजन से जुड़े लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया। हालांकि, कार्यक्रम को रद्द करने के बजाय वैकल्पिक पुतले की व्यवस्था करने का फैसला लिया गया, ताकि दशहरे पर रावण दहन की परंपरा जारी रह सके।
शाम 7 बजे की जगह अब रात 9 बजे रावण दहन की तैयारी
रावण दहन का कार्यक्रम पहले मंगलवार शाम 7 बजे निर्धारित किया गया था। लेकिन मुख्य पुतला जलने के बाद आयोजकों ने रेडीमेड पुतले की व्यवस्था की। इस बदलाव के कारण कार्यक्रम के समय में भी संशोधन किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब इंद्रपुरी कॉलोनी में मंगलवार रात 9 बजे रावण दहन कराने की तैयारी है। यानी हादसे के बावजूद आयोजन को जारी रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
दशहरे पर रावण दहन की तैयारियों के बीच हुई इस घटना ने बिजली की सजावट और रोशनी की जांच के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत भी सामने रखी है। पुतलों में लाइट, बिजली के तार और आतिशबाजी का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए ऐसी जगहों पर सुरक्षा इंतजाम बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। खासकर जब किसी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचने वाले हों, तब बिजली के उपकरणों की जांच और आग से बचाव की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
फिलहाल, इंद्रपुरी कॉलोनी में आयोजकों का ध्यान वैकल्पिक पुतले के साथ दशहरे का कार्यक्रम पूरा कराने पर है। मूल पुतला जलने से तैयारियों को झटका जरूर लगा, लेकिन रेडीमेड पुतले की व्यवस्था के बाद रात 9 बजे रावण दहन कराने की योजना बनाई गई है।
