लांजी, बालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के लांजी नगर में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक गतिविधियों का माहौल देखने को मिला। लांजी बस स्टैंड परिसर में सिंहवाहिनी दुर्गा उत्सव समिति के तत्वावधान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंगलवार, 20 अक्टूबर की देर रात करीब 11 बजे हुए इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद उठाया।
दुर्गा उत्सव के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी देखने को मिली। मां दुर्गा की आराधना से जुड़े पर्व पर श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन को खास बनाया। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का यह मेल उत्सव के माहौल को जीवंत बनाने का एक माध्यम रहा। कार्यक्रम की जानकारी 21 अक्टूबर को सामने आई।
शारदीय नवरात्रि देशभर में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना का प्रमुख पर्व है। मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों और कस्बों में इस दौरान दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों में पूजा-पाठ के साथ भजन, संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लांजी में सिंहवाहिनी दुर्गा उत्सव समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम भी इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा रहा।
स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजनों का महत्व केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहता। इनके जरिए अलग-अलग उम्र के लोगों को एक साथ आने, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेने और सामुदायिक उत्सव में भागीदारी करने का अवसर मिलता है। विशेष रूप से दुर्गा उत्सव जैसे पर्व स्थानीय परंपराओं और सामाजिक सहभागिता को बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं। लांजी में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भागीदारी इसी उत्सवी माहौल का हिस्सा रही।
सिंहवाहिनी दुर्गा उत्सव समिति के इस आयोजन को लेकर सामने आई जानकारी में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की अलग-अलग विधाओं, कलाकारों के नाम, कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा या आयोजकों की ओर से दिए गए किसी आधिकारिक बयान का उल्लेख नहीं है। इसलिए कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए विशेष कार्यक्रमों या उनकी संख्या के बारे में निश्चित जानकारी उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल, लांजी बस स्टैंड पर आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने दुर्गा उत्सव के दौरान स्थानीय श्रद्धालुओं को एक साथ जुड़ने और प्रस्तुतियों का आनंद लेने का अवसर दिया। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक सहभागिता के इस मेल के साथ लांजी में उत्सव का माहौल देखने को मिला।
