मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। जिला मुख्यालय के नजदीक ग्राम बड़ेरी में रेत निकालने और ले जाने की सूचना मिलने के बाद अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान रेत से भरे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए गए। वहीं, कार्रवाई की भनक लगने पर एक अन्य ट्रैक्टर चालक मौके से भागने में सफल रहा। प्रशासन की इस कार्रवाई में बांधवगढ़ के एसडीएम अंबिकेश प्रताप सिंह, प्रभारी तहसीलदार दिलीप सोनी और खनिज विभाग की टीम मौजूद रही। जब्त वाहनों के संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जानकारी के मुताबिक, बड़ेरी गांव के पास नाले में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की सूचना अधिकारियों को मिली थी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर जांच और कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां ट्रैक्टरों की मदद से रेत निकाली जा रही थी। अधिकारियों को देखकर ट्रैक्टर चालक अपने वाहन लेकर वहां से निकलने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान दो ट्रैक्टर नाले के बीच फंस गए। इसके बाद उनके चालकों ने वाहन छोड़ दिए और मौके से भाग गए। प्रशासन ने दोनों ट्रैक्टरों को अपने कब्जे में लेकर जब्ती की कार्रवाई की।
स्थानीय मीडिया में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, नाले में फंसे दोनों ट्रैक्टरों को निकालने के लिए जेसीबी की मदद भी ली गई। अधिकारियों ने मौके पर आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए जब्ती का पंचनामा तैयार किया। एक अन्य ट्रैक्टर चालक के नदी-नाले के रास्ते भाग निकलने की जानकारी भी सामने आई है। फिलहाल, जब्त किए गए वाहनों के मालिकों और चालकों की पहचान करने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी सामने आई है। वाहन मालिकों की जिम्मेदारी और नियमों के उल्लंघन की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
एसडीएम और तहसीलदार की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
इस कार्रवाई में बांधवगढ़ के एसडीएम अंबिकेश प्रताप सिंह और प्रभारी तहसीलदार दिलीप सोनी की भूमिका रही। खनिज विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद थी। रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए राजस्व तथा खनिज विभाग की संयुक्त कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि ऐसे मामलों में केवल वाहन पकड़ना ही पर्याप्त नहीं होता। यह पता लगाना भी जरूरी होता है कि रेत कहां से निकाली गई, उसके परिवहन के लिए वैध अनुमति और ट्रांजिट पास उपलब्ध था या नहीं और इसमें वाहन मालिकों की क्या भूमिका थी।
अधिकारियों के सामने अब जब्त किए गए ट्रैक्टरों के मालिकों की पहचान करने और मामले के तथ्यों की जांच करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति को अवैध खनन का मुख्य संचालक या दोषी बताना उचित नहीं होगा। इस संबंध में अंतिम स्थिति जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बिना वैध अनुमति रेत का परिवहन करना नियमों के खिलाफ
मध्य प्रदेश में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण को रोकने के लिए मध्य प्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 लागू हैं। इनके तहत खनिजों के परिवहन में निर्धारित दस्तावेजों और वैध ट्रांजिट पास से संबंधित नियमों का पालन करना आवश्यक है। यदि जांच में बिना वैध दस्तावेजों के रेत का उत्खनन या परिवहन सामने आता है, तो संबंधित नियमों के अनुसार वाहन जब्त करने और प्रकरण दर्ज करने सहित आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, किसी विशेष मामले में दंड या अन्य कार्रवाई का फैसला संबंधित तथ्यों और लागू प्रावधानों के आधार पर किया जाता है।
रेत का अवैध उत्खनन केवल सरकारी राजस्व के नुकसान तक सीमित नहीं है। नदियों और नालों से अनियंत्रित तरीके से रेत निकालने पर उनके प्राकृतिक तल और किनारों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे जलप्रवाह, आसपास की मिट्टी और स्थानीय पर्यावरण पर भी असर पड़ सकता है। इसी वजह से खनन गतिविधियों की निगरानी और अवैध परिवहन पर कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जाता है।
डंगरहा नदी घाट की शिकायत का भी उल्लेख
जिला जनसंपर्क विभाग की जानकारी में डंगरहा नदी घाट से रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायत पर की गई कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है। इसमें एक ट्रैक्टर जब्त कर भरौली थाना को सौंपे जाने की बात कही गई है। हालांकि, उपलब्ध पोस्ट में इस कार्रवाई की अलग तारीख और दोनों घटनाओं के बीच संबंध स्पष्ट नहीं किया गया है। इसलिए इसे बड़ेरी गांव में जब्त किए गए दो ट्रैक्टरों की कार्रवाई से अलग उल्लेख के रूप में देखना उचित होगा।
बड़ेरी में हुई कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में जब्त वाहनों के मालिकों की पहचान हो पाती है या नहीं और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। प्रशासन की कार्रवाई का प्रभाव तभी स्पष्ट होगा, जब अवैध उत्खनन के स्रोत और इसमें शामिल जिम्मेदार लोगों के बारे में भी तथ्य सामने आएंगे।
