झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में शारदीय दुर्गा पूजा के अवसर पर शनिवार, 17 अक्टूबर को महा सप्तमी के दिन धार्मिक उत्साह देखने को मिला। शहर की पुरानी बस्ती स्थित सीढ़ी घाट पर पूजा-अर्चना के बाद कलश यात्रा निकाली गई। महा सप्तमी के अवसर पर मां दुर्गा की आराधना के साथ शहर में दुर्गा पूजा के आयोजन भी जारी रहे। विभिन्न पूजा पंडालों में कलश स्थापना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालु पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
चक्रधरपुर में दुर्गा पूजा का उत्सव कई पूजा पंडालों में मनाया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शहर के 23 पूजा पंडालों में कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा शुरू हुई। सुबह से ही अलग-अलग पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी। वैदिक मंत्रोच्चार, शंख ध्वनि और मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। महा सप्तमी के मौके पर धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना के माध्यम से श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
पुरानी बस्ती के सीढ़ी घाट से निकली कलश यात्रा इस धार्मिक आयोजन का प्रमुख हिस्सा रही। कलश यात्रा हिंदू परंपरा में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ी महत्वपूर्ण परंपरा मानी जाती है। हालांकि, इस यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की कुल संख्या, यात्रा का पूरा मार्ग और आयोजन से जुड़ी अन्य विस्तृत जानकारी की पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं होती है।
महा सप्तमी शारदीय नवरात्रि का सातवां दिन है। इस दिन नवरात्रि की परंपरा के अनुसार मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। वहीं, दुर्गा पूजा के दौरान महा सप्तमी का विशेष धार्मिक महत्व है। इस अवसर पर पूजा पंडालों में देवी की आराधना और विभिन्न धार्मिक विधियां की जाती हैं। चक्रधरपुर में भी महा सप्तमी के साथ दुर्गा पूजा का उत्सव श्रद्धा और परंपरा के अनुरूप आगे बढ़ रहा है।
दुर्गा पूजा के आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने भी पहले से तैयारियों की समीक्षा की थी। 15 अक्टूबर को पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने चक्रधरपुर के विभिन्न पूजा पंडालों, प्रमुख मार्गों और विसर्जन घाटों का निरीक्षण किया था। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, पंडालों में प्रवेश और निकास की व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, सीसीटीवी निगरानी तथा बैरिकेडिंग जैसे इंतजामों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को पूजा समितियों के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए थे।
प्रशासन की तैयारियों का उद्देश्य पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना और भीड़ को व्यवस्थित रखना है। विशेष रूप से पूजा पंडालों और विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण है, ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।
फिलहाल, महा सप्तमी के अवसर पर पुरानी बस्ती के सीढ़ी घाट से निकली कलश यात्रा और शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में जारी धार्मिक अनुष्ठानों के साथ चक्रधरपुर में दुर्गा पूजा का माहौल बना हुआ है। आने वाले दिनों में भी पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही और धार्मिक गतिविधियां जारी रहने की उम्मीद है।
