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इंदौर में बुलेट पर निकले कैलाश विजयवर्गीय और तुलसी सिलावट, डबल डेकर फ्लाईओवर का किया निरीक्षण; जानिए क्या है खास

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इंदौर में बुलेट पर निकले कैलाश विजयवर्गीय और तुलसी सिलावट, डबल डेकर फ्लाईओवर का किया निरीक्षण; जानिए क्या है खास

मध्य प्रदेश के इंदौर में इन दिनों लव-कुश चौराहे पर बने डबल डेकर फ्लाईओवर की चर्चा हो रही है। इसी बीच नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट का एक अलग अंदाज देखने को मिला। दोनों मंत्री एक ही बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर फ्लाईओवर का निरीक्षण करने पहुंचे। कैलाश विजयवर्गीय बाइक चला रहे थे, जबकि तुलसी सिलावट पीछे बैठे थे। इस दौरान दोनों ने हेलमेट पहन रखा था। उनकी बाइक राइड का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

यह निरीक्षण शनिवार, 24 अक्टूबर को किया गया था। दोनों मंत्री इंदौर के लव-कुश चौराहे पहुंचे, जहां मध्य प्रदेश के पहले डबल डेकर फ्लाईओवर की दूसरी भुजा और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण का उद्देश्य शहर की इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना की स्थिति देखना और लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करना था। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने फ्लाईओवर की उपयोगिता और इंदौर के यातायात के लिए इसके महत्व को रेखांकित किया। वहीं, तुलसी सिलावट ने भी परियोजना से जुड़ी तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम स्थल पर मंच, डोम, बिजली, माइक-साउंड और लोकार्पण से संबंधित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने पर ध्यान दिया गया।

175 करोड़ रुपये में तैयार हुआ डबल डेकर फ्लाईओवर

इंदौर के लव-कुश चौराहे पर बनाया गया डबल डेकर फ्लाईओवर शहर की प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल है। इसकी निर्माण लागत करीब 175 करोड़ रुपये बताई गई है। लगभग 1,454 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर की खासियत इसकी बहुस्तरीय संरचना है, जो व्यस्त चौराहे पर यातायात को अधिक व्यवस्थित करने के उद्देश्य से बनाई गई है।

इस परियोजना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि लव-कुश चौराहा शहर के कई प्रमुख मार्गों को जोड़ता है। यहां से उज्जैन रोड, सुपर कॉरिडोर, एमआर-10 और मरीमाता की दिशा में आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही होती है। व्यस्त समय में इस क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। फ्लाईओवर की दोनों भुजाएं चालू होने के बाद वाहनों को चौराहे से गुजरने के लिए बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद है।

फ्लाईओवर की एक भुजा को जुलाई 2026 में परीक्षण के तौर पर यातायात के लिए खोल दिया गया था। दूसरी भुजा का काम पूरा होने के बाद इसे भी शुरू करने की तैयारी की जा रही थी। परियोजना की संरचना में जमीन के स्तर पर सामान्य यातायात, मेट्रो और एमआर-10 से सुपर कॉरिडोर की ओर जाने वाले मार्ग सहित अलग-अलग स्तरों पर यातायात को व्यवस्थित करने की व्यवस्था शामिल है। इसी वजह से यह निर्माण तकनीकी दृष्टि से भी खास माना जा रहा है।

फ्लाईओवर के बीचोंबीच करीब 65 मीटर लंबी बो-स्ट्रिंग स्टील गर्डर संरचना भी बनाई गई है। यह लगभग 23 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसके निर्माण में भारी सीमेंट सेगमेंट और स्टील गर्डर जैसी संरचनाओं का इस्तेमाल हुआ है। परियोजना का उद्देश्य केवल सड़क की क्षमता बढ़ाना नहीं, बल्कि व्यस्त चौराहे पर वाहनों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाना भी है।

28 अक्टूबर को लोकार्पण की थी तैयारी, अब तारीख पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी

शुरुआत में फ्लाईओवर की दूसरी भुजा का लोकार्पण 28 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों प्रस्तावित था। इसके बाद दोनों भुजाओं से यातायात शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही थी। हालांकि, 25 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, मुख्यमंत्री की व्यस्तता के कारण कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नई तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए 28 अक्टूबर से दोनों भुजाओं पर यातायात शुरू होने को फिलहाल निश्चित नहीं माना जा सकता।

दूसरी भुजा शुरू होने से उज्जैन रोड और मरीमाता की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, आने वाले समय में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ 2028 के दौरान भी इस मार्ग का महत्व बढ़ सकता है। उस समय देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है, जिससे इंदौर और आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में इस फ्लाईओवर का पूरी तरह चालू होना शहर की यातायात योजना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बुलेट राइड का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में

दोनों मंत्रियों की बाइक राइड ने विकास परियोजना के निरीक्षण को भी चर्चा में ला दिया। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे इंदौर के विकास से जोड़कर देखा, जबकि कुछ ने इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने भी मंत्रियों की इस राइड पर तंज कसा। उन्होंने व्यस्त सड़कों पर वास्तविक यातायात की स्थिति का सामना करने की बात उठाते हुए वीडियो के जरिए किए जा रहे विकास के प्रदर्शन पर सवाल किए। इससे फ्लाईओवर के निरीक्षण के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी भी चर्चा का हिस्सा बन गई।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम का अहम पहलू यह है कि फ्लाईओवर के निर्माण के बाद उसकी वास्तविक उपयोगिता इस बात से तय होगी कि इसके चालू होने पर यातायात कितना सुगम होता है। केवल निर्माण पूरा होना ही पर्याप्त नहीं है। इससे जुड़ी सर्विस रोड, चौराहे के आसपास की व्यवस्था, संकेतक और यातायात प्रबंधन भी उतने ही महत्वपूर्ण होंगे। यदि सभी व्यवस्थाएं सही तरीके से काम करती हैं, तो इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को रोजाना के सफर में राहत मिल सकती है।

इंदौर के लव-कुश चौराहे का डबल डेकर फ्लाईओवर शहर के बढ़ते यातायात दबाव को संभालने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। कैलाश विजयवर्गीय और तुलसी सिलावट का निरीक्षण इसी परियोजना की तैयारियों के बीच हुआ। अब लोगों की नजर इसके लोकार्पण की नई तारीख और दूसरी भुजा से यातायात शुरू होने पर है।

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