छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में विजयादशमी के अवसर पर पुलिस लाइन में पारंपरिक विधि-विधान के साथ शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी ने पूजा-अर्चना कर शस्त्र पूजन की परंपरा निभाई। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार मिश्रा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इस आयोजन के माध्यम से परंपरा के साथ पुलिस के कर्तव्य, अनुशासन और सुरक्षा की जिम्मेदारी का संदेश भी सामने आया।
विजयादशमी यानी दशहरे का पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। इस दिन कई जगहों पर शस्त्र पूजन की परंपरा निभाई जाती है। पुलिस विभाग में भी इस अवसर पर शस्त्रों की पूजा की जाती है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम इसी परंपरा का हिस्सा रहा, जहां विधि-विधान के साथ शस्त्र पूजन किया गया।
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की रही मौजूदगी
शस्त्र पूजन कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार मिश्रा और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की गई। पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम में शस्त्रों को सजाकर पूजन की व्यवस्था की गई थी। अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस धार्मिक परंपरा में भाग लिया।
पुलिस विभाग में विजयादशमी पर शस्त्र पूजन का विशेष महत्व है। पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों पर नियंत्रण करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में शस्त्र पूजन को कर्तव्य, अनुशासन और जिम्मेदारी के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। हालांकि, पुलिस के लिए शस्त्रों का इस्तेमाल हमेशा कानून और निर्धारित नियमों के दायरे में ही किया जाता है।
एसपी ने शांति और आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी ने जिलेवासियों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लोगों से शांति, सुरक्षा, आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील की। त्योहारों के दौरान सामाजिक सद्भाव बनाए रखना और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है, ताकि सभी लोग मिल-जुलकर उत्सव का आनंद ले सकें।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पुलिस ने भी अपने संदेश के माध्यम से नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की। पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे अवसरों पर नागरिकों से सहयोग और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।
विजयादशमी पर आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम ने धार्मिक परंपरा और पुलिस की जिम्मेदारियों को एक साथ सामने रखा। पुलिस अधीक्षक की शुभकामनाओं और शांति-सद्भाव की अपील के साथ जिलेवासियों को सुरक्षा, भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया गया।
