मुख्य सामग्री पर जाएं
Buffalo Bills Community NHANFL Enfell NY Control WP Cricket NW News 24 CGWall HPBL Top
bihar न्यूज़

मुंगेर में नशामुक्त बिहार अभियान की शुरुआत, आरडी एंड डीजे कॉलेज में छात्रों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प

खबर शेयर करें
मुंगेर में नशामुक्त बिहार अभियान की शुरुआत, आरडी एंड डीजे कॉलेज में छात्रों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प

मुंगेर: बिहार को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से मंगलवार, 27 अक्टूबर को मुंगेर में भी नशामुक्त बिहार अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहर के आरडी एंड डीजे कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने की अपील की। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। राज्यस्तर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में अभियान की शुरुआत की। इसके साथ ही बिहार के विभिन्न जिलों में नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।

बिहार सरकार की इस पहल का उद्देश्य खासतौर पर युवाओं और विद्यार्थियों को शराब तथा अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। अभियान के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके पारिवारिक जीवन, पढ़ाई, रोजगार और सामाजिक संबंधों को भी प्रभावित कर सकती है। प्रशासन का जोर केवल लोगों को नशे से दूर रहने की सलाह देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों को जागरूकता अभियान से जोड़ने पर भी है।

मुंगेर के आरडी एंड डीजे कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम इसी प्रयास का हिस्सा रहा। शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रमों का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में युवा और विद्यार्थी एक साथ जुड़ते हैं। युवावस्था में नशे के नुकसान के प्रति सही जानकारी और जागरूकता मिलने से गलत आदतों से बचने में मदद मिल सकती है। कॉलेज में छात्र-छात्राओं की ओर से नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया जाना अभियान के जनभागीदारी वाले उद्देश्य को सामने लाता है।

जिलाधिकारी ने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और अपने परिवार, दोस्तों तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। नशामुक्त समाज के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि वे अपने व्यवहार और सामाजिक भागीदारी के माध्यम से दूसरे लोगों को भी सकारात्मक संदेश दे सकते हैं। हालांकि, नशे की समस्या से निपटने के लिए जागरूकता के साथ जरूरत पड़ने पर उचित चिकित्सकीय और परामर्श संबंधी सहायता उपलब्ध होना भी जरूरी है।

27 अक्टूबर से 26 नवंबर तक चलेगा राज्यव्यापी अभियान

बिहार में नशामुक्ति को लेकर यह विशेष जनजागरूकता अभियान 27 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक चलाया जाना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से इसकी शुरुआत की। अभियान के तहत शराब, गांजा, स्मैक, चरस और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करने की योजना है। सरकार का प्रयास है कि नशामुक्ति का संदेश शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचे और इसमें प्रशासन के अलावा आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो।

अभियान के दौरान स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा रैलियों, शपथ ग्रहण समारोहों, नुक्कड़ नाटकों, पोस्टर, बैनर और प्रचार गतिविधियों के माध्यम से लोगों को नशे से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जाएगी। सार्वजनिक स्थानों और स्थानीय स्तर पर भी जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां संचालित करने की योजना है। प्रचार वाहनों के जरिए भी लोगों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाया जाएगा।

इस अभियान में जीविका समूहों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी को भी महत्व दिया गया है। जीविका दीदियों के माध्यम से परिवारों और समुदायों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने की योजना है। इसका उद्देश्य महिलाओं और परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देना तथा उन्हें नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक संस्थाओं की भागीदारी से अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद नशे से जुड़ी सामाजिक चुनौतियों को देखते हुए सरकार जागरूकता और जनभागीदारी पर जोर दे रही है। शराब के अलावा अन्य मादक पदार्थों के सेवन से जुड़े नुकसान के बारे में जानकारी देना भी इस मुहिम का हिस्सा है। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जागरूकता कार्यक्रम लोगों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचते हैं और उनके व्यवहार में कितना सकारात्मक बदलाव आता है।

मुंगेर में आरडी एंड डीजे कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम से युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया है। अब राज्यव्यापी अभियान के दौरान ऐसे कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों, परिवारों और आम नागरिकों को जोड़ने पर जोर रहेगा। नशामुक्त समाज बनाने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ परिवार, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों की निरंतर भागीदारी अहम होगी।

अंतिम अपडेट:
bihar की सभी खबरें पढ़ें