उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या सीट को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। अयोध्या से भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। उन्होंने दावा किया कि यदि अखिलेश यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ यहां से चुनाव लड़ते हैं, तो वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे।
वेद प्रकाश गुप्ता ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना
विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच अयोध्या में सीधा चुनावी मुकाबला होता है, तो परिणाम एकतरफा हो सकता है। गुप्ता ने इस संभावित मुकाबले में योगी आदित्यनाथ की जीत का भरोसा जताया।
योगी सरकार के विकास कार्यों की तारीफ
वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कई काम किए गए हैं।
भाजपा विधायक ने दावा किया कि अयोध्या में बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं के विकास से शहर की पहचान में बदलाव आया है। उनके मुताबिक, अयोध्या को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं।
अखिलेश यादव के कार्यकाल पर भी उठाए सवाल
गुप्ता ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहने के दौरान अयोध्या के विकास को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के दौरान हुए बदलावों को क्षेत्र की जनता देख रही है। ये टिप्पणियां भाजपा विधायक के राजनीतिक आरोप और दावे हैं।
अयोध्या सीट पर योगी और अखिलेश के बीच सियासी चुनौती
अयोध्या को लेकर यह बयानबाजी उस समय सामने आई है, जब अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। समाजवादी पार्टी ने इस सीट से तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इसके बाद योगी आदित्यनाथ ने भी अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती स्वीकार करने की बात कही और अखिलेश यादव को उनके खिलाफ मुकाबले में उतरने की चुनौती दी।
हालांकि, अखिलेश यादव के स्वयं अयोध्या विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल दोनों दलों के नेताओं के बयानों ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या की राजनीति को चर्चा में ला दिया है। वेद प्रकाश गुप्ता का अखिलेश यादव की जमानत जब्त होने संबंधी बयान भी इसी राजनीतिक खींचतान का हिस्सा है। वास्तविक चुनावी स्थिति का फैसला उम्मीदवारों की अंतिम घोषणा और मतदान के बाद ही होगा।
